संयम
प्रसिध्द कवि अब्दुर्रहीम खानखाना के पास एक व्यक्ति आया और उनसे
पुछ्ने लगा कि जीवन मे सबसे महत्त्वपुर्ण कौन - सा संयम है ? तो उन्होने एक कविता के
माध्यम से उत्तर दिया ----
रहिमन जिव्हा बाबरी , कर गई सरग पताल |
खुद कह भीतर घुस गई , जुती पडे कपाल ||
अर्थात सारे संयम मे वाणी का संयम अत्यंत महत्त्वपुर्ण है जीभ खुद तो
कहकर मुँह के अंदर चली जाती है ,परंतु उसका परिणाम कहने वाले को भुगतना पडता है |
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